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‘राजनीतिक वंशवाद देश का सबसे बड़ा दुश्मन’

'युवा राजनीति में आएंगे, तभी यह खत्म होगा'

12 Jan. Vadodara: आज स्वामी विवेकानंद जन्मजयंती के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को देश के युवाओं को सम्बोधित किया। इस दौरान उन्होंने नौजवानों को कुछ लक्ष्य, जिम्मेदारियां बताईं और राजनीति में कदम रखने के लिए कहा। वे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए नेशनल यूथ पार्लियामेंट फेस्टिवल को संबोधित कर रहे थे।

प्रधानमंत्री ने इस मौके पर राजनीतिक वंशवाद पर भी घोर निंदा की। उन्होंने कहा, ‘राजनीतिक वंशवाद देश का सबसे बड़ा दुश्मन है। इसे जड़ से उखाड़ना है। यह काम युवाओं को ही करना है।’

राजनीति में हो रहे वंशवाद को आड़े हाथों लेते हुए कहा की हमारे लोकतंत्र को कमजोर करता रहेगा। लोकतंत्र को बचाने के लिए आपका राजनीति में आना जरूरी है। अपना समय देश की सेवा को दीजिए। विवेकानंदजी कहते थे यह युवा पीढ़ी की सदी है। हमारे युवाओं को आगे आकर राष्ट्र का भाग्य विधाता बनना चाहिए। इसलिए आपकी जिम्मेदारी है कि भारत के भविष्य को निर्धारित करें। पॉलिटिक्स देश को आगे ले जाने का ताकतवर जरिया है। इसे युवाओं की बहुत जरूरत है। पहले कोई नौजवान राजनीति की तरफ बढ़ता था, तो घर वाले कहते थे कि बच्चा बिगड़ गया है। इस पर लड़ाई, झगड़ा, लूट, फसाद और न जाने क्या-क्या लेवल लग गए थे।

इस संसद के सेंट्रल हॉल में हमारी आजादी के निर्णय लिए गए। मन में कल्पना कीजिए, आप उस जगह बैठे हैं जहां देश के वे महापुरुष बैठे थे। देश से आपको कितनी अपेक्षाएं हैं। यहां बैठे युवा साथियों को यह अहसास हो रहा होगा। स्वामी विवेकानंद ने ऐसी संस्थाओं को आगे बढ़ाया जो आज भी व्यक्तियों का निर्माण कर रही हैं। देश में लागू की गई नई नेशनल एजुकेशन पॉलिसी का फोकस भी बेहतर इंडीविजुअल के निर्माण पर है। यह पॉलिसी युवाओं के कौशल, समझ और फैसले को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है।

आगे पीएम अपने सम्बोधन में कहते हैं कि, ‘शायद ही कोई व्यक्ति हो जो खुद को स्वामी विवेकानंद से जुड़ा महसूस न करता हो। उन्होंने देश को, उसके सामर्थ्य को, राष्ट्रीय चेतना को जागृत किया। आजादी की लड़ाई लड़ने वाले भी कहीं न कहीं स्वामीजी से प्रेरित थे। उनकी गिरफ्तारी के समय स्वामीजी का साहित्य उनके पास जरूर मिलता था। देश आजाद हो गया, लेकिन स्वामीजी आज भी हमारे बीच ही होते हैं। हर पल प्रेरणा देते हैं। उनका चिंतन हमारी भावना में नजर आता है। राष्ट्र को लेकर उन्होंने जो कहा, जन सेवा से जग सेवा का भाव हमारे मन मंदिर में हैं।’

युवा अपनी प्रतिभा के मुताबिक, खुद को विकसित कर सकें ऐसा ईको सिस्टम बनाया जा रहा है। इन बातों को केंद्र में रखा जा रहा है। स्वामीजी शारीरिक के साथ मानसिक ताकत पर भी बल देते थे। आज फिट इंडिया मूवमेंट हो, योग हो और स्पोर्ट्स से जुड़े इवेंट, युवा साथियों को शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत कर रहे हैं। पर्सनालिटी डेवलपमेंट का उनका मंत्र था, खुद पर भरोसा करो। वे कहते थे पुराने धर्मों के अनुसार नास्तिक वह है जो ईश्वर में भरोसा नहीं करता, लेकिन नया धर्म कहता है कि नास्तिक वह है जो खुद पर भरोसा नहीं करता।देश को आत्मनिर्भर बनाने का काम युवाओं को ही करना है।

बच्चों के भाषण की तारीफ करते हुए कहा कि, ‘यहां जब मैं आपको सुन रहा था, तब विचार आया कि आपके भाषण अपने ट्विटर हैंडल से ट्वीट करूंगा, ताकि देश को पता चले कि संसद के इस परिसर में हमारा भावी भारत कैसे आकार ले रहा है। मेरे लिए यह बहुत गर्व की बात होगी कि मैं आज आपके भाषण को ट्वीट करूंगा।’

राज्य और डिस्ट्रिक्ट लेवल के चुने गए 84 कैंडिडेट्स इस कार्यक्रम में शामिल हुए। पहले तीन विनर्स उत्तर प्रदेश की मुदिता मिश्रा, महाराष्ट्र की अयति मिश्रा और सिक्किम के अविनम को प्रधानमंत्री के सामने बोलने का मौका मिला। दूसरी ओर इस कार्यक्रम में लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला, केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू और रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ भी मौजूद रहे।

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