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बरसाना में आज खेली जा रही विश्व प्रसिद्ध ‘लट्ठमार होली’, सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम

23 Mar. Barsana: बरसाना में लड्डू होली 22 मार्च को हुई, तो आज 23 मार्च को लट्ठमार होली है और 24 मार्च को लट्ठमार होली नन्दगांव में खेली जाएगी। इस प्रसिद्द होली को यूँ तो दूर दूर से लोग देखने के लिए बरसाना और नंदगांव आते हैं। लेकिन इस बार शायद ये भीड़ कोरोना की वजह से कम देखने को मिल सकती है।

मथुरा जिले के बरसाना कस्बे में मंगलवार को दुनिया भर में प्रसिद्ध ब्रज की लट्ठमार होली खेली जा रही है और ऐसा ही आयोजन अगले दिन बुधवार को नंदगांव में देखा जायेगा। दूर-दूर से लोग लट्ठमार होली को देखने के लिए बरसाना और नंदगांव आते हैं। इस बार भी उनका आगमन होने लगा है जिसके मद्देनजर प्रशासन ने सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम भी किए हैं। परंपरा के अनुसार, आयोजन से एक दिन पहले दोनों ही गांवों के लोग होली खेलने का निमंत्रण देने के लिए एक-दूसरे के गांवों में जाते हैं।

बरसाना के गोस्वामी समाज के सदस्य कृष्णदयाल गौड़ उर्फ कोका पण्डित ने दिए एक इंटरव्यू में बताया, ”सोमवार को बरसाना स्थित राधारानी के महल से राधारानी की सखियां गुलाल लेकर कान्हा के गांव नन्दगांव जाएंगी और होली खेलने का निमंत्रण देंगी। यह गुलाल नन्दगांव के गोस्वामी समाज में वितरित किया जाएगा। तब नन्दभवन में राधारानी की सखियों के साथ धूमधाम से फाग आमंत्रण महोत्सव मनाया जाएगा।” उन्होंने बताया ”फाग आमंत्रण महोत्सव में स्थानीय गोस्वामी समाज के सदस्य और राधारानी की सखियां होली गीतों पर लोकनृत्य करते हैं। इसके बाद सखियों को आदर के साथ विदा किया जाता है। सखियां बरसाना के श्रीजी महल (लाड़िलीजी यानि राधारानी के मंदिर) में होली निमंत्रण को स्वीकार किए जाने की सूचना देती हैं।”

कोका पंडित ने बताया कि दोपहर बाद नन्दगांव का एक हरकारा (यानी प्रतिनिधि) राधारानी के निवास पर जा कर उन्हें निमंत्रण स्वीकार किए जाने की बधाई देने के साथ ही नन्दगांव में होली खेलने के लिए आने का निमंत्रण देता है। उन्होंने बताया कि इस दौरान लड्डुओं का वितरण होता है जिसे ‘लड्डू लीला’ अथवा ‘पाण्डे लीला’ भी कहा जाता है। कोका पण्डित ने बताया कि बरसाना में लड्डू होली 22 मार्च को, लट्ठमार होली 23 मार्च को और 24 मार्च को लट्ठमार होली नन्दगांव में खेली जाएगी। उन्होंने लट्ठमार होली के बारे में बताया, ”इस दिन बरसाना की गोपियां नन्दगांव से आए पुरुषों पर लाठियां बरसाकर होली खेलती हैं। नन्दगांव के हुरियारे (होली खेलने वाले) बरसाना की हुरियारिनों (होली खेलने वालियां) की लाठियों की मार अपने हाथों में ली हुई चमड़े की या धातु से बनीं ढालों पर झेलते हैं।”

करीब एक हजार पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया

बरसाना के हुरियार और राधारानी मंदिर के सेवायतों में से एक डॉ. संजय गोस्वामी ने एक इंटरव्यू में बताते हुए कहा है ”बरसाना की लट्ठमार होली देखने के लिए दूर दूर से लोग आते हैं। तब यहां अद्भुत माहौल रहता है।” गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में बीजेपी की सरकार बनने के बाद, साल 2018 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बरसाना और नन्दगांव को तीर्थस्थल और लट्ठमार होली आयोजन को राजकीय मेला घोषित कर दिया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ गौरव ग्रोवर ने बताया कि, ”सुरक्षा की दृष्टि से पूरे बरसाना क्षेत्र को पांच जोन और 12 सेक्टरों में विभाजित कर सभी अधिकारियों सहित करीब एक हजार पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। राधारानी के मंदिर में व्यवस्था संभालने के लिए तो कमाण्डो लगाए गए हैं जो हर गतिविधि पर नजर रखते हुए व्यवस्था बनाए रखेंगे।”

उन्होंने यह भी बताया कि, ”बरसाना और उसके आसपास के मेला क्षेत्र में छोटे-बड़े सभी वाहनों का प्रवेश बंद कर है। वाहन पार्किंग स्थलों पर खड़े कराए गए हैं। मेले में पैदल घूमने की ही अनुमति है।” एसएसपी ने बताया, ”मेला क्षेत्र में पांच अपर पुलिस अधीक्षक, 12 उपाधीक्षक, इतने ही निरीक्षक, 50 उप निरीक्षक, 7 महिला उप निरीक्षक, 650 कांस्टेबल, 50 महिला कांस्टेबल, चार कंपनी पीएसी, 10 गुण्डा दमन दल, चार दमकल, 10 घुड़सवार, बम निरोधक दस्ता और श्वान दस्ता लगाया गया है। सादा वर्दी में भी जवान तैनात किए जा रहे हैं।” एसपी (देहात) और मेलाधिकारी श्रीश चंद्र ने बताया, ”रविवार से ही बरसाना की नाकाबंदी कर 35 स्थानों पर बैरियर लगाए गए हैं।”

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