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शारदीय नवरात्रि का पावन पर्व सम्पन्न

विजयादशमी की पूजा का शुभ मुहूर्त दोपहर 01 बजकर 12 मिनट से...

भगवान श्री राम ने नवरात्र के नौ दिन मां दुर्गा का पूजन किया

25 Oct. Vadodara: शारदीय नवरात्रि का पावन पर्व कल ही पूरा हुआ है। प्रत्येक दिन नौ दुर्गा के विभिन्न स्वरुपों की तिथियों के अनुसार हमने पूजा अर्चना की। कलश स्थापना या घट स्थापना से प्रारंभ होने वाली नवरात्रि का समापन दशहरा या विजयादशमी पर होता है।

इस दिन मां दुर्गा की मूर्तियों का विसर्जन किया जाता है और मां दुर्गा को हर्षपूर्वक विदा किया जाता है, इस कामना के साथ कि वे अगले वर्ष भी हमारे घर पधारें और हमारे जीवन में खुशियां और प्रभुता लेकर आएं।

दशहरा ​के दिन शुभ मुहूर्त में मां दुर्गा की पूजा होती है, वहीं शाम के समय रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतलों का दहन किया जाता है। वैसे इस वर्ष कोरोना महामारी ने हर त्यौहार पर ग्रहण लगाया है और यह ग्रहण रावण दहन पर भी बरकरार है इस वर्ष देशभर में रावण दहन नहीं हो रहा है।

तो आइए जानते हैं आज के शुभ दिवस पर पूजा का मुहूर्त क्या है। साथ ही हम जानेंगे कि दशहरा या विजयादशमी का महत्व क्या होता है।

विजयादशमी की पूजा का शुभ मुहूर्त दोपहर 01 बजकर 12 मिनट से दोपहर 03 बजकर 27 मिनट तक है। आपके पास पूजा के लिए कुल 02 घंटे 15 मिनट का समय है। इस दिन विजय मुहूर्त दोपहर 01 बजकर 57 मिनट से दोपहर 02 बजकर 42 मिनट तक है। यह कुल समय 45 मिनट का है।

दशहरा का प्राचीन महत्व

प्राचीन कथा के मुताबिक दशहरे के दिन भगवान राम सिता माता को रावण की लंका से मुक्त करके लाए थे। रावण की बुराई पर भगवान राम की अच्छाई के विजय की खुशी में हर साल दशहरा मनाया जाता है। इसके साथ ही मां दुर्गा ने महिषासुर का अंत कर देवी-देवताओं और भक्तों पर उपकार किया था। ऐसी मान्यता है कि भगवान श्री राम ने नवरात्र के नौ दिन मां दुर्गा का पूजन किया था और दसवें दिन मां दुर्गा का आशीर्वाद पाकर रावण का अंत किया था। तब से ही दशहरा का पर्व मनाया जाता है।

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