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अपराधी का अंत या कई गहरे राज पर गिरा पर्दा!!!!

10 July Vadodara : कानपुर के बिकरु गांव में दो जुलाई की रात को आठ पुलिसकर्मियों की हत्या कर देशभर में सुर्खियों में आया उत्तर प्रदेश का मोस्ट वांटेड गैंगस्टर विकास दुबे गुरुवार सुबह उज्जैन के महाकाल मंदिर परिसर में मिला। छह दिन की तलाश के बाद मध्य प्रदेश पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया था। हालांकि, जिस कुख्यात अपराधी को लेकर कई राज्यों की पुलिस अलर्ट थी, उसकी गिरफ्तारी उतनी ही नाटकीय ढंग से हुई।

मध्य प्रदेश पुलिस ने उसे दबोचने का दावा किया, मगर घटनाक्रम के वीडियो फुटेज उसके समर्पण करने की पटकथा सुना रहे हैं। यही वजह है कि बलिदान देने वाले पुलिसकर्मियों के रिश्तेदार सहित आम लोग कह रहे हैं कि विकास दुबे की गिरफ्तारी नहीं हुई है, उसने पूरी रणनीति के तहत समर्पण किया । बताया तो यह भी जा रहा था कि खुद विकास ने भी कहा कि वह गिरफ्तारी देने ही यहां आया है। उत्तर प्रदेश पुलिस ने उसकी पत्नी और बेटे को भी लखनऊ से हिरासत में लिया है। उधर, कानपुर और इटावा में पुलिस से हुईं दो मुठभेड़ों में उसके दो और गुर्गे ढेर कर दिए गए। पुलिस ने विकास से जुड़े पांच लोगों को अब तक मार गिराया है। इसके साथ ही अब तक दो पुलिसवालों सहित दस लोगों को गिरफ्तार किया है।

यह तो थी विकास दुबे की कहानी.. जो अंजाम तक आज पहुंचा दी गई, आज सुबह-सुबह खबर आई कि कानपुर के बिकरू गांव में आठ पुलिसकर्मियों की हत्या का मुख्य आरोपी 5 लाख का इनामी विकास दुबे एनकाउंटर में मारा गया। यूपी एसटीएफ की टीम विकास दुबे को लेकर जैसे ही कानपुर पहुंची, विकास गाड़ी में सुरक्षाकर्मियों की पिस्टल छीनने लगा। इसी बीच संतुलन बिगड़ने के बाद गाड़ी पलट गई। गाड़ी पलटते ही विकास पुलिस पर फायरिंग कर भागने लगा। सुरक्षाकर्मियों ने भी अपने बचाव में गोलियां चलाईं। मुठभेड़ में विकास गंभीर रूप से घायल हो गया। सुरक्षाकर्मी उसे लेकर हैलट अस्पताल पहुंचे जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। विकास दुबे के शव का पोस्टमार्टम होने से पहले कोरोना टेस्ट कराया जाएगा।

कानपुर में गैगस्टर विकास दुबे के एनकाउंटर के बाद इस मुठभेड़ में घायल पुलिसकर्मी को लाला लाजपत राय अस्पताल लाया गया है। पुलिस के मुताबिक इस मुठभेड़ में कुल 4 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं।

इस मामले काफी सियासत भी देखने मिली,जब नेताओं ने ट्वीट के जरिए अपनी अपनी प्रतिक्रिया देना शुरू कर दिया।

मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने विकास दुबे के मारे जाने पर कहा है कि कानून ने अपना काम कर दिया है। उन्होंने साथ ही कहा कि यह उन लोगों के लिए खेद और निराशा का विषय हो सकता है जिन्होंने आज विकास दुबे की मौत और कल उसकी गिरफ्तारी पर सवाल उठाए हैं। एमपी पुलिस ने अपना काम किया, उसे गिरफ्तार किया और यूपी पुलिस को सौंप दिया।

समाजवादी पार्टी ने ट़वीट कर कहा कि विकास दुबे के साथ उन सभी सबूतों, साक्ष्यों का भी एनकाउंटर हो गया जिससे अपराधियों, पुलिस और सत्ता में बैठे उसके संरक्षकों का पर्दाफाश होता। विकास के जरिए उन सभी को बचाने की कोशिश की है जो नेक्सेस में उसके मददगार रहे? आखिर उन सत्ताधीशों पर कार्रवाई का क्या जिनका नाम उसने स्वयं लिया?

प्रियंका गांधी ने कहा :अपराधी का अंत हो गया, अपराध और उसको सरंक्षण देने वाले लोगों का क्या?

यूपी के पूर्व सीएम और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ट्वीट कर कहा कि कार नही पलटी सरकार पलटने से बचाई गई।

कहा जाता है कि विकास दुबे सालों से राजनीतिक दलों के साथ जुड़ा रहा और करीबन सभी राजनीतिक दलों से विकास दुबे का नाता रहा।ऐसे में विकास दुबे के साथ कई तरह के राज भी दफन कर दिए गए हैं।

अब इतने बड़े गैंगस्टर का एनकाउंटर हुआ है तो तरह-तरह की बातें तो होगी ही। यह हादसा था या दुबे की हत्या की गई यह तो जांच का विषय है, लेकिन घटना को लेकर लोगों में भी मिली जुली प्रतिक्रिया देखने मिली।कुछ लोगों का कहना था कि कानून हाथ में लेना सही नहीं है वही देश के कुछ नागरिक ऐसा भी मानते हैं सालों तक मामले को अदालत में कुचलते रहने से अच्छा है की ऐसे दरिंदों को अंजाम तक पहुंचा दिया जाए। कुछ लोग इसे उन 8 पुलिस कर्मचारियों को श्रद्धांजलि के रूप में भी देख रहे हैं आपकी क्या राय है इस पूरे मामले पर यह कमेंट बॉक्स में हमें जरूर लिखें।

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