ये थी देश की पहली महिला फोटो जर्नलिस्ट…

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File Photo

19 Aug Vadodara :  आज देश की पहली महिला फोटो जर्नलिस्ट होमाय व्यारावाला का 104वां जन्मदिन है। होमाय के लिए कहा जाता है कि उन्हें पंडित जवाहरलाल नेहरू की फोटोज खींचना पसंद था। होमाय देश की आजादी से पहले और बाद के कई ऐतिहासिक क्षणों को अपने ब्लैक एंड वाइट कैमरे में कैद किया है।​ आज़ादी के समय कैमरा ही अपने आप में एक आश्चर्य कहलाता था।उस पर भी एक महिला का इस क्षेत्र में प्रवेश करना बड़े अचरज की बात थी। लेकिन होमाय ने फोटोग्राफी का पेशा पूरे उसूलों के साथ अपनाया था।गुजरात के नवसारी में मध्यम वर्गीय परिवार में जन्मी व्यारावाला ने 1938 में फोटोग्राफी के क्षेत्र में प्रवेश किया। हालांकि उन्होंने अपने ही समकक्ष फोटोग्राफरों से ही कई बार चुनौतियों का सामना भी करना पड़ा था।फोटोग्राफरों की नई पीढ़ी के व्यवहार से आहत उन्होंने एक समय बाद इस पेशे को अलविदा भी कह दिया था।

विश्व फोटोग्राफी दिवस पर आइए आज जानते हैं पहली महिला फोटोग्राफर के बारे में…

– व्यारावाला का जन्म 9 दिसंबर, 1913 को गुजरात के नवसारी में एक मध्यवर्गीय पारसी परिवार में हुआ था। उनके पिता पारसी उर्दू थियेटर के मशहूर अभिनेता थे।
– शुरुआती शिक्षा हासिल करने के बाद उन्होंने बॉम्बे यूनिवर्सिटी और सर जेजे स्कूल ऑफ ऑर्ट से पढ़ाई की। पढ़ाई पूरी होने के बाद शुरू में उन्होंने मुंबई के एक दैनिक समाचार पत्र के लिए फोटो खींचना शुरू किया और बाद में इस क्षेत्र को ही अपने पेशे के रूप में चुना।
– साल 1942 (दूसरे विश्व युद्ध के दौरान) में व्यारावाला को ब्रिटिश इन्फॉर्मेशन सर्विस ने नई दिल्ली में नौकरी दी। इसके साथ ही उन्होंने बॉम्बे की ‘The Illustrated Weekly of India’ मैगजीन के लिए काम किया।
– साल 1970 में होमाय ने अपने पति के निधन के बाद फोटोग्राफी छोड़ दी थी। उन्हें फोटोग्राफी को लेकर सरकार द्वारा लगाईं पाबंदियां पसंद नहीं थी।

ऐतिहासिक क्षणों को कैमरे में किया कैद

व्यारावाला ने अगस्त 1947 को लाल किले पर पहली बार फहराए गए झंडे, भारत से लॉर्ड माउंटबेटन की वापसी, महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू और लाल बहादुर शास्त्री की अंतिम यात्रा की भी तस्वीरें भी अपने कैमरे में कैद किया।
इसके अलावा उन्होंने महात्मा गांधी, जवाहरलाल नहरू, मोहम्मद अली जिन्ना, इंदिरा गांधी और नेहरू-गांधी फैमिली की खूब फोटोज को अपने कैमरों में कैद किया।

सरकार ने दिया पद्म विभूषण

होमाय 40 साल तक फोटोग्राफी से जुड़ी रहीं। 2010 में भारत सरकार ने उन्हें पद्म विभूषण से सम्मानित किया। 15 जनवरी, 2012 को उनका निधन हो गया।

 

 

 

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