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कोरोना की कहानी : तब से अब तक

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* 30 जनवरी को देश में पहला केस

देश में कोरोना का पहला मामला 30 जनवरी को सामने आया था। चीन के वुहान विश्वविद्यालय से केरल आए एक छात्र में कोरोना वायरस के लक्षण पाए गए और फिर उसमें संक्रमण की पुष्टि हुई।

* पहले पांच लाख केस आने में 148 दिन लगे

देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या पांच लाख पहुंचने में लगभग पांच महीने लग गए थे। लेकिन उसके बाद अब ये आंकड़े तेजी से बढ़ने लगे।

* 5 लाख केस आने में केवल 20 दिन ही लगे

वहीं देश में 5 लाख केस आने में केवल 20 दिन ही लगे। इसके पीछे की वजह लॉकडाउन में छूट को भी कह सकते हैं और साथ -साथ टेस्टिंग तेजी से बढ़ने से अधिक संख्या में संक्रमित सामने आने लगे।

* कुल 5 महीने और 16 दिन में 10 लाख के पार

सिर्फ 5 महीने और 16 दिन में भारत में कोरोना मरीजों की संख्या 10 लाख तक पहुंच गई। अब सरकार इसके नियंत्रण पर और तेजी से काम कर रही है। वैक्सिन से लेकर दवाइयों पर शोध पुर जोरो से जारी है।

* जनता कर्फ्यू से लेकर अनलॉक-2 तक का सफर

* 22 मार्च को एक दिन का जनता कर्फ्यू

कोरोनावायरस को फैलने से रोकने के लिए सबसे पहले 22 मार्च को एक दिन का जनता कर्फ्यू लगाया गया।

* 25 मार्च से देश में संपूर्ण लॉकडाउन

25 मार्च से देश में पूरी तरह से लॉकडाउन लग गया। देश में दो महीने में चार बार लॉकडाउन लगाया गया।
पहला लॉकडाउन 25 मार्च से 14 अप्रैल तक लगा। ये सबसे सख्त लॉकडाउन था।

* 15 अप्रैल से 3 मई तक दूसरा लॉकडाउन

15 अप्रैल से 3 मई तक दूसरा लॉकडाउन लगा। हालांकि, 20 अप्रैल के बाद सरकार ने लॉकडाउन में ढील देनी भी शुरू कर दी थी। तीसरा लॉकडाउन 4 मई से 17 मई तक और चौथा लॉकडाउन 18 मई से 31 मई तक लगा।

* 1 जून से अनलॉक-1 की शुरुआत

1 जून से देश की तालाबंदी को खोला जाने लगा। अनलॉक-1 लागू हो गया।

* 1 जुलाई से अनलॉक-2 की शुरुआत

1 जुलाई से देश में अनलॉक-2 की शुरुआत हो गई जो कि 31 जुलाई तक प्रभावी रहेगा।

देश में बढ़ रहे कोरोना संक्रमण को ध्यान में रखते हुए कई राज्यों ने फिर से लॉकडाउन शुरू कर दिया है।ऐसे में आने वाले 2 महीनों तक क्या होगा यह कह पाना मुश्किल है, लेकिन जो आसान है वो यही है कम से कम लोगों से मिले, अगर मिले तो सुरक्षित रूप से मिलें। घर के बाहर ना निकले और जब भी बाहर जाए सभी तरह के एहतियात बरतें,तभी हिंदुस्तान कोरोना की जंग को कम से कम नुकसान के साथ जीत पाएगा।

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