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Bharat Petroleum ने निजीकरण से पहले कर्मचारियों को दी, VRS की ऑफर

भारत पेट्रोलियम ने निजीकरण से पहले कर्मचारियों को दी, वीआरएस की ऑफर

File Photo

28 July Vadodara : भारत पैट्रोलियम देश की सरकार सबसे बड़ी कंपनी है ।भारत पेट्रोलियम कंपनी को फॉर्च्यून 500 मिला है । यह तीसरी सबसे बड़ी कंपनी है। इसे सरकार द्वारा नवरत्न का दर्जा दिया गया है। सन 2007 के आंकड़ों के अनुसार इस कंपनी में 14,769 कर्मचारी थे, यह संख्या अब 20,000 तक पहुंची है। 2008 में दर्ज आंकड़ों के अनुसार इस कंपनी का राजस्व 27.71 अरब अमेरिकन डॉलर है।

सन 2016 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीयकरण के कानून को रद्द किया था । ऐसे में सरकार को अब इस कंपनी को निजी या विदेशी कंपनी को बेचने के लिए संसद की मंजूरी की जरूरत नहीं है। ऐसे में सरकार इस कंपनी के निजीकरण का फैसला करते हुए ,अपनी 53.3 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने को तैयार है। मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड और सार्वजनिक क्षेत्र की इंडियन ऑयल कंपनी सरकार का हिस्सा खरीदने बोली लगा सकते हैं।

इस निजी करण से पहले भारत पेट्रोलियम कंपनी ने अपने कर्मचारियों के लिए स्वैच्छिक निवृत्ति योजना यानी वीआरएस की घोषणा की है। किन्ही कारणों से जो कर्मचारी सेवा में चालू नहीं रहना चाहते ,उनके लिए वीआरएस का दरवाजा खुला है। यह जानकारी कर्मचारियों को आंतरिक नोटिस में दी गई है। भारत पेट्रोलियम स्वैच्छिक निवृत्ति योजना 23 जुलाई 2020 के रोज खुल गई है ,और 13 अगस्त को बंद हो जाएगी। जो कर्मचारी निजी संचालकों की अगवानी में काम नहीं करना चाहते ,ऐसे कर्मचारियों और अधिकारियों को एग्जिट ऑफर करने वीआरएस की योजना लाई गई है ।कई अधिकारियों को ऐसा लगता है कि, निजीकरण के बाद उनके दर्जे और स्थान में बदलाव आ सकता है। इसको लेकर इस योजना का कई कर्मचारी लाभ ले सकते हैं।

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