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HAL से 48 हजार करोड़ रुपए में खरीदे जाएंगे 83 तेजस विमान

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह बोले, 'ये डील गेम चेंजर'

13 Jan. Vadodara: पाकिस्तान और चीन से सीमा विवाद के बीच केंद्र सरकार ने इंडियन एयरफोर्स के लिए 83 तेजस फाइटर जेट खरीदने की अनुमति दे दी है। प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की मीटिंग में यह फैसला लिया गया। ये सभी फाइटर विमान को हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) द्वारा तैयार किया जाएगा।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी देते हुए लिखा, ‘ये डील देश के लिए गेम चेंजर साबित होगी। रक्षा के क्षेत्र में मैन्युफैक्चरिंग को मजबूती मिलेगी। लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (LCA) 1A तेजस फाइटर तैयार करने के लिए HAL ने नासिक और बेंगलुरु में सेटअप तैयार कर लिया है।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बताया कि, ‘LCA तेजस के MK1A वैरिएंट में 50% की बजाय 60% स्वदेशी उपकरण और तकनीक का यूज किया जाएगा। LCA तेजस इंडियन एयरफोर्स फ्लीट की रीढ़ की हड्‌डी बनने जा रही है। इससे एयरफोर्स की मौजूदा ताकत में जबरदस्त इजाफा होगा।’

क्या खासियत है तेजस की?

तेजस हवा से हवा में और हवा से जमीन पर मिसाइल छोड़ने में सक्षम है।

तेजस 42% कार्बन फाइबर, 43% एल्यूमीनियम एलॉय और टाइटेनियम से बनाया गया है।

इसमें एंटीशिप मिसाइल, बम और रॉकेट भी लगाए जा सकते हैं।

तेजस से हवा से हवा में मार करने वाली BVR मिसाइल का सफल परीक्षण किया जा चुका है।

तेजस ने रात में अरेस्टेड लैंडिंग का ट्रायल भी कामयाब रहा था। DRDO ने यह परीक्षण किया था।

तेजस भारत में विकसित किया गया हल्का और मल्टीरोल फाइटर जेट है।

तेजस विमानवाहक पोत से टेकऑफ और लैंडिंग का परीक्षण एक ही उड़ान में पास कर चुका है।

इसे हिन्दुस्तान एरोनाटिक्स लिमिटेड (HAL) ने विकसित किया है।

तेजस को एयरफोर्स के साथ नेवी की जरूरतें पूरी करने के हिसाब से भी तैयार किया जा रहा है।

पाकिस्तान से सटे गुजरात के नलिया और राजस्थान के फलौदी एयरबेस पर इसकी स्क्वाड्रन तैनात की जा रही है।

1980 के दशक में शुरू हुआ था काम

हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड ने 1980 के दशक में तेजस पर काम शुरू किया था। 4 मई 2003 को तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने इसे तेजस नाम दिया था। इसके बाद 2007 से इसका प्रोडक्शन शुरू हुआ। ये विमान पुराने पड़ रहे मिग-21 की जगह लेने के लिए तैयार किए जा रहे हैं।

2009, दिसंबर में गोवा में एक ट्रायल के दौरान तेजस ने 1,350 किलोमीटर प्रति घंटे से ज्यादा की रफ्तार से उड़ान भरी थी। इस तरह HAL का देश में बना पहला सुपरसॉनिक लड़ाकू विमान बना था। 1 जुलाई 2016 को एयरफोर्स की पहली तेजस यूनिट बनाई गई थी, जिसे पाकिस्तान के जेएफ-17 थंडर के मुकाबले में बेहतर विमान माना जाता है।

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