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सावली की अदालत ने सूओ मोटो में ये फैसला…

9 Nov. Vadodara: सावली की अदालत ने सूओ मोटो पर एक ही दिन में गंभीर यौन अपराधों के शिकार दो किशोरीयों को अंतरिम मुआवजा और अतिरिक्त अंतरिम राहत का भुगतान करने का आदेश दिया। वडोदरा में ऐसी पहली घटना और गुजरात में दूसरी ऐसी घटना घाटी है।

ये महत्वपूर्ण आदेश बाल संरक्षण में एक नया आयाम हैं।

राज्य में बाल सुरक्षा के लिए प्रोटेक्शन ऑफ़ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्सुअल ओफ्फेंसेस (POCSO) 2012 अधिनियम के तहत कायदे का अमल किया गया है। इस कानून का समर्थन करने के लिए, गुजरात सरकार ने गुजरात पीड़ित मुआवजा योजना 2019 को लागू किया है और ऐसे अत्याचारों का शिकार हुए बच्चों को तत्काल वित्तीय मुआवजे का प्रावधान किया है।

9 वें अधिक सत्र न्यायाधीश, वडोदरा (सावली) ने हाल ही में उसी दिन यानी 7 नवंबर को उपरोक्त कानून और 2019 योजना के प्रावधानों के एक बहुत ही कम उम्र में दो मासूम किशोरीओं को रोकने के लिए हस्तक्षेप किया, जो बहुत कम उम्र में बलात्कार जैसे गंभीर यौन अपराधों के शिकार थे। मुआवजे के तत्काल भुगतान और अंतरिम राहत का आदेश देकर बाल संरक्षण कानूनों और योजनाओं के कार्यान्वयन के लिए एक नया अध्याय जोड़ा है।

माननीय न्यायाधीश ए.जे कनानी के इस आदेश की राज्य की अदालत ने मामले की सकारात्मक मोठे ली है। प्राप्त हुई जानकारी के अनुसार वड़ोदरा जिला के अदालती इतिहास में पोक्सो से जुड़े इस प्रकार की गंभीर अत्याचारों के भोग बनी किशोरियों को मुआवज़ा चुकाने का आदेश दिया है। ऐसा आदेश पहली बार अमल में लाया गया है। गुजरात में सुओ मोटो का निर्णय पोक्सो अदालत द्वारा दूसरी बार लिया गया है।

घटना का विवरण यह है कि पोस्को अधिनियम, 2012 की विभिन्न धाराओं के तहत, वड़ोदरा जिले के सावली पुलिस स्टेशन में दो मासूम किशोरीयों की गंभीर यौन शोषण की दो अलग-अलग शिकायतें दर्ज की गई थीं।

सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों लड़कियों के दयनीय हालत की पूछताछ की। और गुजरात सरकार की गुजरात विक्टिम कंपनसेशन स्कीम 2019 के चलते इस अत्याचार का शिकार हुई लड़कियों के हित में सुओ मोटो एक्शन लिया गया। सरकारी वकील ने भी विक्टिम कंपनसेशन की योजना के तहत इस आदेश का समर्थन किया है। दो पीड़ितों में से एक को 2 लाख और एक को 75 हज़ार मुआवजा देने का आदेश है।

डॉक्टर का इलाज और अन्य खर्च में राहत देने में 2 महीने से ज्यादा देरी ना हो उसकी जिम्मेदारी जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण को दी गई है। इस आदेश के चलते दोनों पीड़िता और उनके परिवार को राहत मिल पाएगी।

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