‘भारत के लोग बहुत खुद्दार हैं…’

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9 April 2022

अविश्वास प्रस्ताव से ठीक एक दिन पहले इमरान खान ने अपने देश के सुप्रीम कोर्ट के फैसले की आलोचना की। विदेशी साजिश को न मानने वाले फैसले पर नाखुशी जताई। अपने संबोधन में इमरान खान ने हिन्दुस्तान की तारीफ भी की। मोदी सरकार की तारीफ करते हुए इमरान भावुक भी हुए। कहा कि वहां बहुत खुद्दार लोग हैं। वहां किसी बाहरी देश की हिम्मत नहीं है कि कोई आदेश दे दे।

यहां इमरान खान के कहने का मतलब रूस के साथ भारत के संबंधों पर अमेरिका के स्टैंड पर था। इमरान ने कहा कि मैंने रूस का दौरा किया तो वो भड़क गया लेकिन हिन्दुस्तान को कुछ नहीं बोला। इमरान खान भारत की तारीफ कर अपने विदेश नीति को सही ठहराने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने अपनी बात रखते हुएआरएसएस का भी जिक्र किया।

देश के नाम अपने संबोधन इमरान खान ने भारत का जिक्र किया। अविश्वास प्रस्ताव से पहले आखिरी दांव खेलते हुए वो भावुक भी दिखे। संबोधन में अपनी कुर्सी गंवाने का डर उनके चेहरे पर साफ देखा जा सकता था। इमरान ने कहा कि भारत की विदेश नीति बहुत आजाद है। किसी भी देश की हिम्मत नहीं है कि वो भारत को आदेश दे सके। भारत की सरकार बहुत खुद्दार है। मैं भी पाकिस्तान की विदेश नीति को आजाद करना चाहता हूं और जब तक सरकार में हूं कोशिश करता रहूंगा कि हमारी विदेश नीति हमेशा आजाद रहे।

आरएसएस का किया जिक्र
इमरान खान ने अपने संबोधन में आरएसएस का जिक्र भी किया। कहा कि मेरे हिन्दुस्तान की सरकार के साथ रिश्ते सिर्फ आरएसएस की वजह से बिगड़े, नहीं तो हमारे अपने पड़ोसी मुल्कों के साथ बहुत अच्छे संबंध रहे हैं।

अमेरिका पर फिर बरसे इमरान
मोदी सरकार का उल्लेख करते हुए इमरान खान ने कहा कि अमेरिका की इतनी हिम्मत नहीं है कि उन्हें कुछ बोले। जबकि वो रूस से तेल खरीद रहे हैं। लेकिन, मैं रूस क्या गया? अमेरिका ने मेरी सरकार गिराने की साजिश रच ली। विपक्षी दल उन विदेशी ताकतों के आगे नतमस्तक हो गए लेकिन, मैं अल्लाह के अलावा कभी किसी के आगे नहीं झुका। हम और हिन्दुस्तान एक ही दिन आजाद हुए थे लेकिन आज दोनों देशों में कितना फर्क है। मैं सरकार में इसीलिए आया कि अपने मुल्क को दुनिया के सामने ऊपर लाऊं।

भेड़-बकरियों की तरह बिक रहे हैं सांसद
अपने संबोधन में इमरान खान ने कहा कि आज पाकिस्तान बहुत बुरा वक्त देख रहा है। भेड़-बकरियों की तरह सांसद बिक रहे हैं। आज हमारे जन प्रतिनिधि अपना जमीर बेच रहे हैं। लेकिन मैं अपनी कौम की बारे में सोचता हूं।

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