बदलते दौर में भी रैंबो सर्कस की लोकप्रियता बरकरार

18-01-2023

सर्कस के शो तो आपने जरूर देखे होंगे, लेकिन क्या आपने भारत के सबसे पुराने और सबसे बडे सर्कस को देखा है!!जिसे देखने के लिए लोग ना सिर्फ देश से बल्कि विदेशों से भी आते हैं। आइए आज आपको भी ले चलते हैं देश के सबसे दिलचस्प सर्कस शो में..

भारत में सर्कस का दौर काफी पुराना है। देश में सर्कस देखना लोगों को पहले से ही काफी पसंद आता है, लेकिन बदलते जमाने के साथ अब सर्कस की लोकप्रियता घटी है। सर्कस एक ऐसा मंच है, जहां देश-दुनिया के कलाकार अपनी जान हथेली पर रखकर एक से बढ़कर एक हैरतअंगेज करतब दिखाते हैं। ऐसा ही एक सर्कस है रैंबो सर्कस,रैंबो सर्कस की स्थापना भारत के महाराष्ट्र में श्री पीटी दिलीप ने 26 जनवरी 1991 में की थी,पीटी दिलीप ग्रेट ओरिएंटल सर्कस और विक्टोरिया सर्कस से भी जुड़े हुए थे, इन तीनों सर्कस को मिलाकर उन्होंने एक बड़े सर्कस का निर्माण किया और अब इस सर्कस की कमान संभाली है उनके बेटे सूजीथ दिलीप ने। इस सर्कस में खेल, म्यूजिक डांस और हैरतअंगेज कर देने वाले नजारे पेश किए जाते हैं। रैंबो सर्कस की खास बात ये है कि यहां हमेशा कुछ न कुछ अलग दिखाया जाता है।

मनोरंजन और बदलती दुनिया के बीच भी रैंबो सर्कस ने अपना एक शानदार मुकाम बनाया है। तरह-तरह के नेशनल इंटरनेशनल आर्टिस्ट, खेल, म्यूजिक, डांस और हैरतअंगेज करतब की प्रस्तुति से रैंबो सर्कस सालों से लोगो के दिलो पर राज कर रहा है। रैंबो सर्कस में अंतरराष्ट्रीय कलाकारों की उपस्थिति दर्शको को अपनी ओर खींचती हैं। जादूगर से लेकर जोकर तक यहां हर कोई आपको एंटरटेइन करता है।

रैंबो सर्कस ने पूरे भारत और विदेश में अपनी शानदार प्रस्तुति दी है और भारत के सबसे बड़े सर्कस के रूप में खास पहचान हासिल की है और इसलिए बड़ों से लेकर बच्चों तक सभी को यह बेहद पसंद आता है।

कोरोना काल मे रैंबो सर्कस को survival में कई तरह की दिक्कतें आई लेकिन ऑनलाइन और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी रैंबो सर्कस सभी को हसाता रहा एंटरटेन करता रहा ,यह कहना है रैंबो सर्कस चलाने वाले सुजिथ दिलीप का…

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